मोबाइल से हाजिरी कैसे लगाएं? मजदूर और स्टाफ की हाजिरी का आसान तरीका
सीधा जवाब: मोबाइल से हाजिरी लगाने के लिए एक हाजिरी ऐप डाउनलोड करें, अपने मजदूर या स्टाफ का नाम और रोज़ की मजदूरी एक बार डालें, और फिर हर दिन हर नाम के सामने P (हाजिर), A (गैरहाजिर), आधा दिन या ओवरटाइम पर टैप करें। महीने के आखिर में ऐप अपने आप कुल दिन, ओवरटाइम और खर्ची काटकर पगार निकाल देता है।
पेपर हाजिरी रजिस्टर में दिक्कत क्या है?
- रजिस्टर या हाजिरी कार्ड खो जाता है, फट जाता है या भीग जाता है
- कोई भी पेन से एंट्री बदल सकता है, फिर झगड़ा होता है
- महीने के आखिर में हर मजदूर का हिसाब हाथ से जोड़ना पड़ता है
- खर्ची और एडवांस अलग डायरी में लिखा जाता है और भूल जाते हैं
- मालिक साइट या दुकान पर न हो तो पता नहीं चलता कि कौन आया
मोबाइल से हाजिरी लगाने के 6 आसान स्टेप
1. ऐप डाउनलोड करें और हिंदी चुनें
Play Store से HajariBook मुफ्त डाउनलोड करें। शुरू में भाषा में हिंदी चुनें। ऐप गुजराती, कन्नड़ और अंग्रेज़ी में भी चलता है।
2. मजदूर या स्टाफ जोड़ें
हर मजदूर का नाम, मोबाइल नंबर और पगार डालें: रोज़ की मजदूरी (जैसे ₹600 रोज़), महीने की सैलरी या घंटे के हिसाब से। यह सिर्फ एक बार करना है।
3. रोज़ हाजिरी लगाएं
हर नाम के सामने एक टैप में हाजिरी लगाएं:
- P = पूरा दिन हाजिर
- A = गैरहाजिर
- आधा दिन या डबल हाजिरी (P+P)
- OT = ओवरटाइम के घंटे
- ठेके के काम के लिए 2 हाजिरी या 3.5 हाजिरी भी लगा सकते हैं
50 मजदूरों की हाजिरी लगभग 1 मिनट में लग जाती है।
4. स्टाफ को खुद हाजिरी लगाने दें (अगर चाहें)
अगर आप हर दिन मौके पर नहीं होते, तो सेल्फ अटेंडेंस चालू करें। स्टाफ अपने फोन से सेल्फी लेकर हाजिरी लगाता है, और GPS से पक्का होता है कि वह दुकान, फैक्ट्री या साइट पर ही है। फेस रिकग्निशन और QR कोड से भी हाजिरी लग सकती है। ज़्यादा जानकारी: सेल्फ अटेंडेंस ऐप गाइड।
5. खर्ची और एडवांस लिखें
जब भी किसी मजदूर को खर्ची या एडवांस दें, उसी दिन ऐप में Pay दबाकर रकम डालें। यह रकम हिसाब के समय अपने आप कट जाती है।
6. महीने के आखिर में पगार और हाजिरी कार्ड भेजें
ऐप कुल दिन, आधे दिन, ओवरटाइम और खर्ची जोड़-घटाकर पगार तैयार कर देता है। हर मजदूर का हाजिरी कार्ड और सैलरी स्लिप WhatsApp पर भेजें, ताकि मजदूर भी अपना हिसाब देख सके और झगड़ा न हो।
हिसाब का उदाहरण
रमेश की मजदूरी ₹600 रोज़ है। इस महीने:
- 24 पूरे दिन = ₹14,400
- 2 आधे दिन = ₹600
- 6 घंटे ओवरटाइम (₹75 प्रति घंटा) = ₹450
- खर्ची दी: ₹3,000
- कुल पगार = ₹14,400 + ₹600 + ₹450 − ₹3,000 = ₹12,450
ऐप में यह सब अपने आप होता है। आपको सिर्फ रोज़ हाजिरी लगानी है।
किन कामों के लिए सही है?
ठेकेदार और बिल्डिंग साइट, दुकान, फैक्ट्री, होटल और ढाबा, खेत, सिक्योरिटी एजेंसी, गैराज, सिलाई और कढ़ाई यूनिट, गोदाम: जहाँ भी आप मजदूर या स्टाफ रखते हैं और हाजिरी रजिस्टर रखते हैं।
पेपर वाला हाजिरी कार्ड भी चाहिए?
अगर आप अभी पेपर पर ही काम करना चाहते हैं, तो हमारा मुफ्त हाजिरी कार्ड प्रिंट करें। बाद में ऐप पर आ जाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या हाजिरी ऐप मुफ्त है?
हाँ, HajariBook डाउनलोड करके मुफ्त में हाजिरी लगाना शुरू कर सकते हैं। ज़्यादा स्टाफ या कई साइट के लिए प्रीमियम प्लान हैं।
मजदूर के पास स्मार्टफोन नहीं है तो?
कोई बात नहीं। मालिक या सुपरवाइज़र अपने फोन से सबकी हाजिरी लगा सकता है।
इंटरनेट न हो तो हाजिरी लगेगी?
कमज़ोर नेटवर्क में भी हाजिरी लगाई जा सकती है, और नेटवर्क आने पर डेटा सेव हो जाता है।
क्या सुपरवाइज़र को हाजिरी लगाने दे सकते हैं?
हाँ, आप सुपरवाइज़र को सिर्फ उसकी साइट या टीम की हाजिरी लगाने की अनुमति दे सकते हैं।